TheIntRendz

Home » Posts tagged 'shantikunj haridwar' (Page 2)

Tag Archives: shantikunj haridwar

प्रतिकूल परिस्थिति में विचलित न हों

 हमें चाहिए कि हम अपने आप को परिस्थितियों के अनुरूप ढालें और जिस परिस्थिति में हों, उससे असंतोष या घृणा न प्रकट करें। दिन कभी एक से नहीं रहते। हमें चाहिए कि हम दु:ख के विषम पथ पर धैर्य न खो बैठें। प्रत्येक परिस्थिति की अपनी-अपनी हानि होती है और अपना-अपना लाभ। संसार की कोई भी ऐसी परिस्थिति नहीं, जिसका कुछ-न-कुछ लाभ न हो। हमें लाभ की ओर ही ध्यान देना चाहिए। जिन मजदूरों को मिट्ïटी में कार्य करना पड़ता है, स्वास्थ्य भी तो उन्हीं का बढ़ता है। ज्ञान तो केवल यही है कि हमें प्रतिकूल परिस्थिति में हिम्मत नहीं खो बैठना चाहिए और जब हम देखें कि परिस्थिति में  तब्दीली आती ही नहीं, तो हमें उस परिस्थिति से संतोष करना चाहिए। नीच वह नहीं, जिसका कार्य आप नीच बतलाते हैं, बल्कि नीच वह है जो अपने कार्य में,  चाहे वह कार्य कितना ही छोटा हो, दिलचस्पी नहीं लेता और केवल काम चलाऊ काम करता है। इस जिंदगी में कभी  पक्की सडक़ें आती है और कभी कच्ची।  हमें दोनों प्रकार की सडक़ों को अपनाना है, सहर्ष और एक जैसे उत्साह से। कभी फूलों के बिछौने पर सोना है, तो कभी कंटकों की सेज भी अपनानी है। शांति प्राप्त करने का यही प्रथम साधन है कि हम अपने को प्रतिकूल परिस्थिति में विचलित न होने दें।

(पं० श्रीराम शर्मा आचार्य)